दुःख की शुरुआत कहा से होती है और उसे कैसे रोका जाए।

‘भगवद गीता’   अध्याय १६; श्लोक २१।   त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः । कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्‌ ॥   भावार्थ : हे अर्जुन! जीवात्मा का विनाश करने वाले “काम, क्रोध और लोभ” यह तीन प्रकार के द्वार मनुष्य को नरक में ले जाने वाले हैं, इसलिये इन तीनों को त्याग देना चाहिए।     ‘सुंदरकांड’ […]

चिंतामुक्त कैसे रहे? (How to Overcome Stress & Worry?)

    आज के समय में प्रतियोगिता इतनी ज्यादा है की लोग रात दिन काम करते रहते है। काम ज्यादा होनेकी वजहसे चिंता बढ़ती जाती है। स्टूडेंट्स को पठाई और ज्यादा मार्क्स की चिंता, बिजनेस या नौकरी में काम की वजह से चिंता, आज के टीनएजर्स जिसके साथ रिलेशनशिप में है उसके साथ सादी होगी […]